दुख में चैन नहीं मिलता

मैंने पहली बार 13 साल की उम्र में पोर्नोग्राफी देखी थी जब मैं स्कूल ट्रिप पर गया था। जब हम पहली रात अपने कमरों में गए, तो मेरे दोस्त ने अपने सूटकेस से कई पोर्न पत्रिकाएं निकालीं (वह इंटरनेट से पहले का वक्त था) जिसने मुझे चौंका दिया। उसने मुझसे कहा कि उसके माता-पिता को इस सब से कोई परेशानी नहीं, क्योंकि उसे कभी न कभी तो ये सब सीखना ही है। ज़ाहिर है मैं बहुत उत्सुक था और अगले कुछ दिनों में मैंने जो तस्वीरें देखीं वो मेरी याद्दाश्त में छप गईं।

कुछ समय बाद, जहाँ मैं रहता था वहाँ एक टीवी चैनल शुक्रवार और शनिवार रात को सॉफ्ट पोर्न फ़िल्में दिखाता था। तो मैं जल्द सोने का नाटक करता, और रात भर जाग कर अगली सुबह तक छिप कर टीवी वाले कमरे में ये फ़िल्में देखता था। यह मेरी किशोरावस्था के सालों में हर सप्ताहांत चलता रहा। किशोरावस्था की शुरुआत में ही, मैं ऐसी अवस्था में पहुँच गया कि मैं हस्तमैथून किए बिना रात को सो भी नहीं पाता था, और यह कई सालों तक मेरी दैनिक आदत बनी रही। हर बार ऐसा करने पर मुझे बहुत ग्लानि महसूस होती और मैंने अनेकों बार भगवान की और अपनी कसम खाई कि मैं ऐसा दुबारा नहीं करूँगा। पर मुझमें रुकने की इच्छाशक्ति नहीं थी, और वो सब जारी रहा।

मैं यह सोच कर डर जाता कि अगर लोगों को इस बारे में पता चल गया तो वो मेरे बारे में क्या सोचेंगे।

मैं 20-22 साल का था जब इंटरनेट लोकप्रिय हुआ, और ज़ाहिर है इस नई तकनीक के साथ हर तरह की पोर्नोग्राफी तक पहुँच भी तुरंत आ गई। मैं जल्द ही अपने कंप्यूटर पर नई और अत्यंत अश्लील पोर्नोग्राफी देखने लगा। हालांकि मैं अक्सर कसम खाता कि मैं यह सब तुरंत और हमेशा के लिए करना बंद कर दूँगा, पर मैंने कभी नहीं किया। मैं यह सब रोक नहीं पाता था, और सोचता था कि यह चक्र - पोर्न देखना, हस्तमैथून करना, बेहद ग्लानि महसूस करना, और दुबारा ऐसा न करने की कसम खाना - कैसे खत्म होगा। बाहर से मुझे एक अच्छा लड़का समझा जाता था, और मैं अपने धार्मिक समुदाय में एक उभरता हुआ नेता भी था। पर अंदर से मुझे वो गहरा राज़ मालूम था जिसे मैं रोज़ छिपा रहा था और मैं यह सोच कर डर जाता था कि अगर लोगों को पता चल जाए तो वे क्या सोचेंगे। मैं सोचता था कि शादी करने से यह समस्या हल हो जाएगी, पर मेरी पोर्नोग्राफी की लत और हस्तमैथून मेरी शादी के बाद भी जारी रहे।

शायद इस जंग में पहली जीत यह समझ पाना था कि यह सेक्स, या सौन्दर्य, या जीव-विज्ञान के बारे में नहीं है। बल्कि, ऐसा था ही नहीं कि मैं ख़ूबसूरत औरतों के सामने ख़ुद पर काबू नहीं कर सकता था - यह सब मेरे बारे में था। यह मेरी स्वीकृति, प्रशंसा, प्रेम, और ताकत की चाहत के बारे में था। वासना और पोर्नोग्राफी का मुझ पर इतना नियंत्रण इसलिए था क्योंकि इसने मुझे यकीन दिला दिया था कि चाहे दुनिया मेरी अच्छाई को न समझे, पर मेरी कल्पनाओं की ख़ूबसूरत महिलाएँ मुझसे प्यार करती हैं और मुझे चाहती हैं। पोर्न मेरे दिमाग़ और दिल की आदत थी जिसे रोकना ज़रूरी था अगर मैं इस लत को छोड़ना चाहता था। मुझे पोर्न की गुलामी से आज़ाद होने के लिए इसके झूठ को सच के साथ लड़ना था।

मेरे लिए मेरी पत्नी का प्यार वो अंतिम प्रेरणा थी जिसके लिए मुझे यह आदत हमेशा के लिए छोड़ने की ज़रूरत थी।

पोर्न पर मेरी जीत में मेरे दोस्त एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। कुछ दोस्त थे जिन पर मैं विश्वास करता था, दोस्त जिनसे मैं अपनी हर बात कह सकता था, दोस्त जो मेरे लिए तब भी प्रार्थना करते रहे जब मैं एक ही काम कई बार करता रहा। वासना और पोर्नोग्राफी पर मेरी अंतिम जीत तब हुई जब मैंने अपने सारे संघर्ष- पूर्व और वर्तमान दोनों के - अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ बांटे, जो थी मेरी पत्नी। मैंने उससे वादा किया कि अगर मैं फिर कभी इसमें घिरा तो उसे बता दूँगा।

मैंने सोचा था कि वो दुखी और क्रोधित हो जाएगी, पर हालांकि मेरी बातों से उसे बहुत दुख पहुँचा, पर उसने मेरा साथ देने और मेरे लिए प्रार्थना करने का वादा किया। पर एक तरह से, मेरी ज़िंदगी पर पोर्न की पकड़ मेरे अपनी पत्नी से सब कुछ कहने से पहले ही ढीली पड़ चुकी थी, और मेरी पत्नी का प्यार वो अंतिम प्रेरणा थी जिसकी मुझे यह आदत हमेशा के लिए छोड़ने के लिए ज़रूरत थी। मुझे अब छुपने की ज़रूरत नहीं थी, और मैं अब उसे और धोख़ा नहीं देना चाहता था (सोच में भी नहीं)।

दशकों तक पोर्न से संघर्ष करने के बाद भी, आज मुझे यह कहते हुए ख़ुशी हो रही है कि आज मैं आज़ाद हूँ। मुझे यकीन है कि पोर्न दुनिया के सारे आनंद का वादा करता है पर सिर्फ़ कष्ट ही देता है। पर यह आज़ादी रातोंरात नहीं आई, यह एक धीमी, लम्बी प्रक्रिया थी जो 10 साल तक चली।

अब जब यह संघर्ष पूरा हो चुका है और मेरे पास आज़ादी और आनंद है, मैं आपको आज़ादी की ओर अपनी यात्रा शुरू करने का निमंत्रण देता हूँ। आपको यह जंग अकेले लड़ने की ज़रूरत नहीं है। हमारे पास मुफ़्त और गोपनीय सलाहकार हैं जो आप को सुनने और आपका साथ देने को तैयार हैं। यदि आप नीचे जानकारी देंगे, तो हमारी टीम से कोई आपसे जल्द ही संपर्क करेगा।

गोपनीयता के लिए लेखक के नाम को बदल दिया गया है।